आज की रात मिना में गुज़ारना मुस्तहब या सुन्नत है। चूँकि कल अरफ़ा का दिन है, इसलिए आज की रात को “अरफ़ा की रात” कहा जाता है। इस रात सूर्योदय होने तक मिना में ही ठहरना सुन्नत है।
सवाल-जवाब
हज
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हज
आज की रात मिना में गुज़ारना मुस्तहब या सुन्नत है। चूँकि कल अरफ़ा का दिन है, इसलिए आज की रात को “अरफ़ा की रात” कहा जाता है। इस रात सूर्योदय होने तक मिना में ही ठहरना सुन्नत है।