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सवाल-जवाब

कंकरी मारना

अय्यामे तशरीक़ (अर्थात 11, 12 और 13 ज़िलहिज्जा को) कंकरी मारने के सुन्नत तरीक़े क्या-क्या हैं?

तरीके निम्नलिखित हैंः

(१) दोपहर होने के बाद पहले कंकरी मारना और उसके बाद ज़ुहर की नमाज़ अदा करना, इस प्रकार क्रम बनाए रखना मुस्तहब है। (बुख़ारी) अत्यधिक भीड़ होने के कारण इस क्रम को बनाए रखने का प्रयास न करना ही बेहतर है।

(२) मिना की मस्जिद ‘ख़ैफ़’ से काबा की ओर आगे बढ़ने पर पहले छोटा, फिर मध्यम और अंत में बड़ा जमरा दिखाई देगा। पहले छोटे ‘जमरा’ पर कंकरी मारकर उसे बाईं ओर रखते हुए वहाँ से थोड़ा आगे जाकर क़िबला की ओर मुँह करके खड़े हों, ‘अल्हम्दुलिल्लाह’, ‘अल्लाहु अकबर’, ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ पढ़ें और दोनों हाथ उठाकर दुआ करें।

(३) इसके बाद मध्यम ‘जमरा’ पर जाएँ। यहाँ भी पहले की तरह ‘अल्लाहु अकबर’ कहते हुए प्रत्येक कंकरी मारें और उसके बाद ‘अल्हम्दुलिल्लाह’, ‘अल्लाहु अकबर’, ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ पढ़ें तथा क़िबला की ओर मुँह करके खड़े होकर दोनों हाथ उठाएँ और अरबी तथा बांग्ला में जितना संभव हो, लंबी मुनाजात करें। अकेले मुनाजात करना ही सुन्नत है।

(४) सबसे अंत में बड़े जमरा पर आकर ७ कंकरियाँ मारें और वहाँ न रुकें। जमरा से चले जाएँ। इसी नियम से अंतिम ३ दिनों में प्रतिदिन ७+७+७= २१ कंकरियाँ मारें।