ऐसा होने पर फ़र्ज़ ग़ुस्ल कर ले और कपड़े धो ले। इससे हज या उमरा को कोई नुकसान नहीं होगा। यहाँ तक कि फ़िदया भी नहीं देना होगा। क्योंकि स्वप्नदोष मनुष्य के इच्छाधीन होने वाली कोई घटना नहीं है।
सवाल-जवाब
इहराम
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इहराम
ऐसा होने पर फ़र्ज़ ग़ुस्ल कर ले और कपड़े धो ले। इससे हज या उमरा को कोई नुकसान नहीं होगा। यहाँ तक कि फ़िदया भी नहीं देना होगा। क्योंकि स्वप्नदोष मनुष्य के इच्छाधीन होने वाली कोई घटना नहीं है।