२ प्रकारः
(क) समय की मीक़ात,
(ख) स्थान की मीक़ात। हज्ज के लिए समय की मीक़ात शव्वाल, ज़िलक़ादा और ज़िलहज्ज महीने हैं। बहुतों के मतानुसार शव्वाल महीने से ज़िलहज्ज के पहले १० दिनों तक के इस समय को हज्ज के महीने कहा जाता है। दूसरी ओर, उमरा का समय वर्ष का कोई भी महीना, दिन और रात है।