9 हैं, वे ये हैं:
(1) सई करना। (बहुत-से लोगों के मतानुसार यह हज का रुक्न है।)
(2) मीक़ात पार करने से पहले ही इहराम बाँधने का कार्य पूरा करना।
(3) अरफ़ात में ठहरने को सूर्यास्त तक जारी रखना।
(4) मुज़दलिफ़ा में रात्रि बिताना।
(5) मुज़दलिफ़ा के बाद कम-से-कम दो रातें मिना में बिताना।
(6) कंकड़ मारना।
(7) हदी (पशु) की क़ुर्बानी करना (तमत्तु और क़िरान हज करने वालों के लिए।)
(8) बाल कटवाना।
(9) विदाई तवाफ़।