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सवाल-जवाब

हज

हज्ज फ़र्ज़ होने की दलील क्या है?

प्रथमः अल्लाह तआला का आदेश। वह फ़रमाते हैं:

وَلِلَّهِ على الناس حج البيت من استطاع إليه سبيلا

अर्थ: लोगों में से जो उस घर तक पहुँचने की सामर्थ्य रखता हो, उस पर अल्लाह के लिए उस घर का हज्ज करना अनिवार्य कर्तव्य है।

द्वितीयः नबीजी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की हदीस। आप फ़रमाते हैं:

(क) इस्लाम की बुनियाद 5 स्तंभों पर रखी गई है:

(1) इस बात की गवाही देना कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अल्लाह के रसूल हैं,

(2) सलात अदा करना,

(3) ज़कात देना,

(4) रमज़ान के महीने में सियाम रखना और

(5) बैतुल्लाह शरीफ़ का हज्ज करना। (बुख़ारी)

(ख) ऐ लोगो! अल्लाह ने तुम पर हज्ज फ़र्ज़ किया है। अतः तुम हज्ज करो। (मुस्लिम)

(सूरा आले इमरान: 97)