उमरा वर्ष के किसी भी महीने, किसी भी दिन और किसी भी रात किया जा सकता है। लेकिन इमाम अबू हनीफ़ा के मतानुसार अरफ़ात के दिन, क़ुर्बानी के दिन और अय्यामे तशरीक़ के तीन दिनों में उमरा करना मकरूह है।
सवाल-जवाब
उमराह
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उमराह
उमरा वर्ष के किसी भी महीने, किसी भी दिन और किसी भी रात किया जा सकता है। लेकिन इमाम अबू हनीफ़ा के मतानुसार अरफ़ात के दिन, क़ुर्बानी के दिन और अय्यामे तशरीक़ के तीन दिनों में उमरा करना मकरूह है।