हनफ़ी और मालिकी मज़हब में उमरा करना सुन्नत है। और शाफ़िई और हंबली मज़हब में उमरा करना फ़र्ज़ है। अर्थात जिस पर हज फ़र्ज़ है, उस पर उमरा भी फ़र्ज़ है।
सवाल-जवाब
उमराह
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उमराह
हनफ़ी और मालिकी मज़हब में उमरा करना सुन्नत है। और शाफ़िई और हंबली मज़हब में उमरा करना फ़र्ज़ है। अर्थात जिस पर हज फ़र्ज़ है, उस पर उमरा भी फ़र्ज़ है।