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हज गाइड

हज की तैयारी

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आर्थिक तैयारी

2 मिनट में पढ़ेंआखिरी अपडेट 11 सितंबर 2026

१. अवैध तरीके से कमाए गए धन से हज्ज करने पर वह अल्लाह के यहाँ क़बूल नहीं होता। ऐसा व्यक्ति जब ‘लब्बैक’ कहता है तो अल्लाह उसकी लब्बैक को अस्वीकार कर देते हैं। वह कहते हैं, तुम्हारी कोई लब्बैक नहीं और तुम्हारे लिए कोई सौभाग्य-संदेश भी नहीं। तुम्हारा सफ़र-ख़र्च हराम है, तुम्हारा धन हराम है और तुम्हारा हज्ज ग़ैर-मबरूर तथा अस्वीकार्य है।[1] इस हिसाब से हज्ज की प्रारंभिक तैयारी यही होगी कि हलाल रोज़ी-रोटी के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की आवश्यकताएँ पूरी की जाएँ तथा पूरी तरह हलाल रिज़्क़ और संपत्ति से पाई-पाई करके धन एकत्र किया जाए। यदि आप हलाल रिज़्क़ कमाकर हज्ज पर जाने लायक पैसे इकट्ठे न कर सकें, तो आप पर हज्ज फ़र्ज़ नहीं होगा। ऐसा नहीं है कि आपको हज्ज पर जाना ही होगा। बल्कि घर-गृहस्थी की आवश्यक ज़रूरतें पूरी करने के बाद जब हज्ज पर जाने का ख़र्च आपके पास आ जाए, तभी हज्ज फ़र्ज़ होता है। इसलिए कभी भी हराम पैसे से हज्ज करने की योजना न बनाएँ। यदि ऐसा हो कि आपकी पूरी संपत्ति ही हराम हो, तो आप तौबा करें। हराम रास्ता छोड़कर हलाल रास्ते से धन कमाना शुरू करें और यह प्रतिज्ञा करें कि फिर कभी हराम रास्ते पर नहीं जाएँगे। एक समय जब आवश्यक हलाल पैसे इकट्ठे हो जाएँ, तभी हज्ज करने की नीयत करें।

२. यदि आप पर कोई क़र्ज़ हो तो हज्ज करने से पहले ही उसे चुका दें। लेकिन यदि आप बड़े व्यापारी हैं, जिनके लिए क़र्ज़ लेना रोज़मर्रा की आदत या आवश्यकता है, तो अपने समस्त क़र्ज़ के संबंध में एक अलग वसीयतनामा तैयार करें। जो लोग आपके वारिस या उत्तराधिकारी होंगे, उन्हें इस विषय की ज़िम्मेदारी सौंपकर जाएँ।

३. बैलटी या नॉन-बैलटी, दोनों ही स्थितियों में आपसे जितनी रक़म ली जाती है, उससे बीस-तीस हज़ार रुपये अतिरिक्त साथ रखने का प्रयास करें। यदि संभव हो तो इससे भी अधिक रखें। इस पैसे को आवश्यकता के समय ख़र्च करने—जैसे किसी भूल के कारण क्षतिपूर्ति के रूप में दम वाजिब हो जाना—के अलावा साथी हाजियों की मेहमाननवाज़ी करने, ज़रूरतमंद हाजियों की सहायता करने आदि में ख़र्च करें। यहाँ तक कि भूख-प्यास लगने पर कंजूसी किए बिना आवश्यक भोजन आदि लेने के लिए भी आपको अतिरिक्त धन अपने पास रखना होगा। इसके अतिरिक्त, रिश्तेदारों के लिए हदिया-तोहफ़ा ख़रीदना भी आपको आवश्यक लग सकता है, इसलिए उसके लिए भी आप अतिरिक्त पैसे साथ ले जा सकते हैं।

४. पैसे सुरक्षित स्थान पर संभालकर रखें। कमर की बेल्ट में सारे पैसे एक साथ न रखें। आप अपने बैग में अथवा—यदि भरोसेमंद हो तो—होटल के मालिक या मुअल्लिम के कार्यालय में रसीद लेकर पैसे जमा रख सकते हैं। मिना और अरफ़ात में भी अधिक पैसे साथ न ले जाएँ। क्योंकि कुछ लोग हज्ज के नाम पर लोगों की भीड़ में पैसे हथियाने की ताक में रहते हैं। उनके चंगुल से अपने पैसे सुरक्षित रखें।

[1] - ناداه مناد من السماء لا لبيك ولا سعديك زادك حرام ونفقتك حرام وحجك غير مبرور