अल्लाह तआला ने इबराहीम अलैहिस्सलाम को हज की जो विधि सिखाई थी, उसमें मुज़दलिफ़ा में ठहरना भी सिखाया था। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इबराहीम अलैहिस्सलाम के पदचिह्नों का अनुसरण किया था। उन्होंने फ़रमाया,
«قِفُوا عَلَى مَشَاعِرِكُمْ فَإِنَّكُمْ عَلَى إِرْثٍ مِنْ إِرْثِ أَبِيكُمْ إِبْرَاهِيمَ».
‘तुम अपने मशाइर (अर्थात अरफ़ा, मुज़दलिफ़ा और मिना) में ठहरो। क्योंकि तुम अपने पिता इबराहीम द्वारा छोड़े गए विधान के उत्तराधिकारी हो।’[1] इससे ज्ञात होता है कि इबराहीम अलैहिस्सलाम अरफ़ा, मुज़दलिफ़ा और मिना—इनमें से प्रत्येक स्थान पर ठहरे थे।
[1]. अबू दाऊद : १९१९।