हाँ, पढ़ सकती है। क्योंकि संभोग या स्वप्नदोष के कारण जो नापाकी होती है, उससे व्यक्ति चाहे तो तुरंत ग़ुस्ल करके पाक हो सकता है। लेकिन हैज़-निफ़ास से पाक होना मनुष्य की इच्छा पर निर्भर नहीं है। यह मामला अल्लाह के हाथ में है और इसमें समय लगता है। इसलिए हैज़-निफ़ास वाली महिलाओं के लिए क़ुरआन-हदीस की ये दुआएँ पढ़ना जायज़ है।
सवाल-जवाब
हज