तलबियाह पढ़ना शुरू करेंगे, और उसे—
(क) अधिक से अधिक पढ़ेंगे।
(ख) ऊँची आवाज़ में पढ़ेंगे।
(ग) लेकिन महिलाएँ धीमी आवाज़ में पढ़ेंगी, ताकि केवल वे स्वयं ही सुन सकें।
(घ) अधिक से अधिक ज़िक्र-अज़कार करते रहेंगे।
(ङ) क़िबला की ओर मुख करके तलबियाह पढ़ना उत्तम है। इसके अलावा, ऊँचाई से नीचे उतरते समय और निचले स्थान से ऊँचे स्थान पर चढ़ते समय भी तलबियाह पढ़ना सुन्नत है।