सीधे कंटेंट पर जाएं

सवाल-जवाब

हज

मुज़दलिफ़ा के लिए कब और कैसे रवाना हों?

सूर्यास्त के बाद अरफ़ात में मग़रिब की नमाज़ पढ़े बिना मुज़दलिफ़ा के लिए रवाना हो जाएँ। पहुँचने में देर हो जाए, तब भी मग़रिब और इशा की नमाज़ मुज़दलिफ़ा में ही पढ़नी होगी। इस देरी को क़ज़ा न समझें। उस दिन के लिए यही नियम है। वहाँ जाते समय मुअल्लिम की गाड़ी में जा सकते हैं, या कुछ लोग मिलकर किसी एक को ग्रुप लीडर बनाकर उसके नेतृत्व में दल के रूप में मुज़दलिफ़ा की ओर चल सकते हैं। रास्ते में कोई भटक न जाए और कोई दल से अलग न हो जाए, इसके लिए ग्रुप लीडर कंधे पर बांग्लादेशी झंडा लेकर चल सकता है। वहाँ भी भीड़ होती है। भीड़ में खो जाने से सावधान रहें। साथ में महिलाएँ और बच्चे हों तो और अधिक सावधान रहें। भीड़ के कारण सोने के लिए अच्छी खाली जगह अक्सर नहीं मिलती। शौचालयों में भी बहुत भीड़ होती है। अच्छी तरह देखकर सोने की जगह चुनें।