हाँ, कमज़ोर महिलाओं, बच्चों और असमर्थ व्यक्तियों के लिए आधी रात के बाद मुज़दलिफ़ा से मिना चले जाना जायज़ होगा। कमज़ोरों और बीमारों की सहायता के लिए उनके साथ स्वस्थ अभिभावक भी जा सकते हैं। इस प्रकार की किसी मजबूरी के बिना मुज़दलिफ़ा में फ़ज्र की नमाज़ अदा किए बगैर किसी का मिना चले जाना उचित नहीं होगा। यदि चला जाए, तो दम देना होगा।
सवाल-जवाब
हज