हिरा पर्वत मक्का से मिना जाने वाले मार्ग पर बाईं ओर स्थित है। इसकी ऊँचाई 634 मीटर है। वर्तमान में मक्कावासी इसे जबल-ए-नूर कहते हैं। इसी पर्वत पर वह गुफा स्थित है, जहाँ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नुबुव्वत से पहले इबादत किया करते थे। इबादत की अवस्था में यहीं सबसे पहले कुरआन की आयतें नाज़िल हुई थीं। इस गुफा का प्रवेश-द्वार उत्तर दिशा की ओर है। इसमें पाँच लोग बैठ सकते हैं। इसकी ऊँचाई मध्यम है। इस पर्वत पर चढ़ने से मक्का के घर दिखाई देते हैं। सौर पर्वत भी दिखाई देता है। पर्वत की चोटी ऊँट के कूबड़ जैसी है। मक्का सहित पूरी दुनिया में हिरा पर्वत जैसा कोई पर्वत नहीं है। यह एक अनोखा पर्वत है।
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हज अदा करने के पवित्र स्थानों का परिचय
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अध्याय 3 / 12
हज अदा करने के पवित्र स्थानों का परिचय
मक्का के ऐतिहासिक स्थल - हिरा पर्वत
1 मिनट में पढ़ेंआखिरी अपडेट 11 सितंबर 2026